भारत विरोधी पोस्ट करने वाले पत्रकारों को बांग्लादेश ने भारत में कूटनीतिक जिम्मेदारी सौंपी!

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बांग्लादेश सरकार ने भारत में दो वरिष्ठ पत्रकारों को कूटनीतिक पदों पर नियुक्त किया है। इनमें से एक पत्रकार सोशल मीडिया पर भारत की भूमिका को लेकर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। भारत-बांग्लादेश संबंधों में पहले से मौजूद तनाव के बीच इन नियुक्तियों को दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत और बांग्लादेश के बीच जारी कूटनीतिक संवेदनशीलता के बीच बांग्लादेश सरकार ने दो वरिष्ठ पत्रकारों को भारत में प्रेस से जुड़े राजनयिक पदों पर नियुक्त किया है। इनमें मोहम्मद सैदुर रहमान को नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग में मिनिस्टर (प्रेस) बनाया गया है, जबकि उम्मे मारूफा को कोलकाता स्थित बांग्लादेश उप उच्चायोग में फर्स्ट सेक्रेटरी (प्रेस) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोहम्मद सैदुर रहमान पूर्व में सोशल मीडिया पर भारत को लेकर कई विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। ऐसे में इन नियुक्तियों को दोनों देशों के संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दिल्ली-कोलकाता में प्रेस पदों पर दो वरिष्ठ पत्रकारों की नियुक्ति

बांग्लादेश सरकार ने नई दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग में मोहम्मद सैदुर रहमान को मिनिस्टर (प्रेस) नियुक्त किया है। वहीं, उम्मे मारूफा को कोलकाता स्थित बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन में फर्स्ट सेक्रेटरी (प्रेस) बनाया गया है। दोनों पत्रकार लंबे समय से मीडिया क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और अब उन्हें भारत में बांग्लादेश के प्रेस एवं जनसंपर्क से संबंधित कूटनीतिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

विवादित पोस्ट और बयानों को लेकर चर्चा में रहे सैदुर रहमान

मोहम्मद सैदुर रहमान पहले सोशल मीडिया पर भारत की भूमिका को लेकर कई विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। उन्होंने अगस्त 2024 में शेख हसीना के सत्ता से जाने के बाद कहा था कि बांग्लादेश को भारत की कथित “कॉलोनियल पकड़” से वास्तविक स्वतंत्रता मिली है। इसके अलावा उन्होंने 1971 के युद्ध में भारत की भूमिका, 2009 के BDR विद्रोह और जियाउर रहमान की हत्या को लेकर भी भारत से जुड़े विवादित दावे किए थे।

कब कब क्या-क्या किया

  • मोहम्मद सैदुर रहमान बने नई दिल्ली में मिनिस्टर (प्रेस)।
  • उम्मे मारूफा को कोलकाता में फर्स्ट सेक्रेटरी (प्रेस) नियुक्त किया गया।
  • सैदुर रहमान पहले भारत को लेकर विवादित सोशल मीडिया पोस्ट कर चुके हैं।
  • उन्होंने 1971 युद्ध और अन्य घटनाओं पर भी विवादित दावे किए थे।
  • नियुक्तियां भारत-बांग्लादेश संबंधों के संवेदनशील दौर में हुई हैं।
  • भारत-बांग्लादेश संबंधों के बीच नई नियुक्तियों पर बढ़ी चर्चा

भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ समय से विभिन्न मुद्दों पर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में भारत को लेकर विवादित टिप्पणियां करने वाले पत्रकारों की राजनयिक नियुक्ति ने नई चर्चा को जन्म दिया है। इन नियुक्तियों को दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की प्रक्रिया के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

विश्वास बहाली की कोशिशों पर पड़ सकता है असर

विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद संवेदनशील माहौल में ऐसी नियुक्तियां द्विपक्षीय संबंधों को लेकर नई बहस को जन्म दे सकती हैं। हालांकि, नियुक्तियों का उद्देश्य बांग्लादेश की ओर से प्रेस और संचार संबंधी दायित्वों को संभालना है, लेकिन विवादित बयानों का पुराना रिकॉर्ड इन नियुक्तियों को चर्चा के केंद्र में ले आया है।

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