New Delhi: AIIMS ने आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल इनोवेशन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। संस्थान ने 1,000 रोबोटिक सर्जरी, देश का पहला रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट, पोर्टेबल MRI सेवा, AI आधारित डायग्नोसिस और स्वदेशी हेल्थ टेक्नोलॉजी के जरिए चिकित्सा क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है।
देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान AIIMS ने उन्नत चिकित्सा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और स्वदेशी हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज की हैं। संस्थान ने 1,000 रोबोटिक सर्जरी पूरी करने के साथ देश का पहला रोबोट-सहायता प्राप्त किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया है। इसके अलावा भारत की पहली पोर्टेबल बेडसाइड MRI सेवा, MadhuNetra AI मॉडल, स्वदेशी Cervical Cancer Test Kit और टेली-रोबोटिक अल्ट्रासाउंड जैसी तकनीकों के जरिए मरीजों को अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये पहलें भारत की डिजिटल हेल्थ और मेडटेक क्षमता को नई ऊंचाई देंगी।
रोबोटिक सर्जरी में नया कीर्तिमान
AIIMS ने 1,000 रोबोटिक सर्जरी पूरी कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में देश का पहला रोबोट-सहायता प्राप्त किडनी ट्रांसप्लांट भी सफलतापूर्वक किया गया। रोबोटिक सर्जरी को कम रक्तस्राव, छोटे चीरे, कम संक्रमण जोखिम और तेजी से रिकवरी जैसी विशेषताओं के कारण आधुनिक चिकित्सा में महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिशा में भारत में रोबोटिक सर्जरी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है।
AI और नई तकनीकें
संस्थान ने भारत की पहली Portable Bedside MRI सेवा शुरू की है, जिससे गंभीर मरीजों की बेड पर ही उच्च-परिशुद्धता न्यूरो इमेजिंग संभव हो सकेगी। MadhuNetra AI मॉडल को डायबिटिक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग के लिए CDSCO की मंजूरी मिल चुकी है और इसे 13 राज्यों में तैनात किया गया है। यही मॉडल Global AI Summit में दुनिया के शीर्ष-10 AI मॉडलों में भी शामिल हुआ। AI आधारित रेडियो-डायग्नोसिस और कैंसर उपचार में भी नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
स्वदेशी शोध को बढ़ावा
AIIMS के वैज्ञानिकों ने स्वदेशी Cervical Cancer Test Kit विकसित की है, जिसका उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान को आसान बनाना है। इसके अलावा संस्थान ने अंटार्कटिका तक दुनिया की सबसे लंबी दूरी की टेली-रोबोटिक अल्ट्रासाउंड सेवा का सफल प्रदर्शन भी किया। Centre for Medical Innovation & Entrepreneurship के माध्यम से स्वदेशी हेल्थ टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और चिकित्सा नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो Atmanirbhar Bharat की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्य बातें (Pointers)
AIIMS ने 1,000 रोबोटिक सर्जरी पूरी की।
देश का पहला रोबोट-सहायता प्राप्त किडनी ट्रांसप्लांट सफल।
भारत की पहली Portable Bedside MRI सेवा शुरू।
MadhuNetra AI को CDSCO की मंजूरी, 13 राज्यों में तैनाती।
स्वदेशी Cervical Cancer Test Kit विकसित।
अंटार्कटिका तक टेली-रोबोटिक अल्ट्रासाउंड का प्रदर्शन।
मरीजों की सुरक्षा के लिए Patient Safety & Quality Cell की स्थापना।
बेहतर स्वास्थ्य सेवा का लक्ष्य
AIIMS ने इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने और बचाई जा सकने वाली चिकित्सीय त्रुटियों को न्यूनतम करने के उद्देश्य से Patient Safety & Quality Cell की स्थापना की है। संस्थान का लक्ष्य आधुनिक चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, AI आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और स्वदेशी नवाचारों के जरिए देश के प्रत्येक नागरिक तक उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। विशेषज्ञों के अनुसार, National Digital Health Mission और AI आधारित स्वास्थ्य तकनीकों के विस्तार के साथ भारत का हेल्थकेयर सिस्टम अधिक सटीक, सुलभ और तकनीक-संचालित बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


