New Delhi: देश में बढ़ती डेटा खपत के साथ Cyber Security को मजबूत करने पर सरकार और संबंधित संस्थानों का फोकस बढ़ा है। जागरूकता अभियान, मजबूत संस्थागत व्यवस्था, CERT-In के सुरक्षा मानकों और महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों के लिए विशेष साइबर सुरक्षा प्रावधानों के जरिए डिजिटल सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा रहा है।
भारत में तेजी से बढ़ रही डेटा खपत के साथ Cyber Security को लेकर सरकार और संस्थागत तंत्र लगातार अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकों में साइबर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ शिकायत दर्ज कराने के लिए संस्थागत व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों को Critical Information Infrastructure (CII) का दर्जा दिया गया है, जिससे उन्हें अतिरिक्त साइबर सुरक्षा सुरक्षा-तंत्र उपलब्ध कराया जाता है। वहीं Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) समय-समय पर सरकारी संस्थानों के लिए सुरक्षा मानक और दिशा-निर्देश जारी करता है।
बढ़ती डेटा खपत के साथ बढ़ी Cyber Security की चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, देश में डेटा उपयोग लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ Cyber Security चुनौतियां भी बढ़ी हैं। इसे देखते हुए सरकार कानूनी और संस्थागत स्तर पर नागरिकों को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। साथ ही ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं, जहां साइबर घटनाओं की रिपोर्ट आसानी से दर्ज कराई जा सके और उन पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो।
महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों को मिला विशेष सुरक्षा कवच
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों को Critical Information Infrastructure (CII) के रूप में संरक्षित घोषित किया गया है। ऐसे संस्थानों के लिए सामान्य संगठनों की तुलना में अधिक कड़े साइबर सुरक्षा मानक लागू होते हैं। National Critical Information Infrastructure Protection Centre (NCIIPC) देश के महत्वपूर्ण सूचना ढांचे की सुरक्षा के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
CERT-In के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य
सरकारी संस्थानों के लिए CERT-In समय-समय पर Cyber Security संबंधी दिशा-निर्देश जारी करता है। इन संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना होता है। इसके अलावा प्रत्येक सरकारी विभाग में वरिष्ठ स्तर, सामान्यतः Joint Secretary स्तर के अधिकारी को साइबर सुरक्षा के लिए Single Point of Contact (SPOC) नामित करने का प्रावधान है, ताकि किसी भी साइबर घटना पर त्वरित समन्वय और कार्रवाई हो सके।
देश में Data Consumption लगातार बढ़ रही है।
साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
कई सरकारी संस्थानों को Critical Information Infrastructure का दर्जा मिला है।
CERT-In समय-समय पर सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी करता है।
सरकारी विभागों में वरिष्ठ स्तर पर Single Point of Contact नियुक्त करने की व्यवस्था।
साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग और संस्थागत क्षमता को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
डिजिटल सुरक्षा के लिए सरकार की व्यापक पहल
भारत सरकार ने हाल के वर्षों में साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। CERT-In साइबर घटनाओं के समन्वय और प्रतिक्रिया के लिए राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में कार्य करता है, जबकि NCIIPC महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इसके अलावा Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से नागरिक ऑनलाइन साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार समय-समय पर साइबर सुरक्षा अभ्यास, ऑडिट और क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी संचालित करती है, ताकि सरकारी संस्थान उभरते साइबर खतरों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।


